शिमला (हिमाचल प्रदेश). बिलासपुर के साइबर एक्सपर्ट शशांक मेहता को फेसबुक ने अपने सिक्युरिटी फीचर में खामी निकालने पर सम्मानित किया है। साथ ही उन्हें हॉल ऑफ फेम में 15वीं रैंक दी है। इसके अलावा, शशांक को 1 लाख 38 हजार रुपए (2000 यूएस डॉलर) की पुरस्कार राशि भी दी।
शंशाक ने बताया- ब्लॉक अकाउंट को ऑपरेट कर सकते हैं
फेसबुक पर फेक अकाउंट बनाने या किसी दूसरे का फोटो अपने प्रोफाइल में लगाने जैसी कोई भी संदिग्ध एक्टिविटी जब फेसबुक सर्वर की पकड़ में आती है तो फेसबुक उस संबंधित यूजर का अकाउंट ब्लॉक कर दिया जाता था। इसके जरिए फेसबुक फेक अकाउंट का गलत इस्तेमाल रोक लेती है। यह अकाउंट तब तक ब्लॉक रहता था, जब तक वास्तविक यूजर अपनी सही पहचान प्रमाणित न करे। शंशाक ने बताया कि इसे फिर भी ऑपरेट किया जा सकता है।
फेसबुक ने माना- खामी है
शशांक ने फेसबुक की सिक्युरिटी टीम को फेक अकाउंट में 'बग' से संबंधित खामी की रिपोर्ट भेजी थी। शशांक ने इस रिपोर्ट में फेसबुक को न केवल बताया, बल्कि साबित भी किया कि सिक्युरिटी चेक प्वाइंट को बाईपास करके भी ब्लॉक किए गए अकाउंट से किस तरह फोटो, मैसेज या अन्य कोई पोस्ट डाली जा सकती है। फेसबुक ने भी माना कि यह एक खामी थी। सोशल नेटवर्किंग साइट ने बीते बुधवार को ही शशांक द्वारा उजागर की गई खामी को भी ठीक कर दिया है।
साइबर सिक्युरिटी के लिए जॉब छोड़ी
बिलासपुर शहर के रौड़ा सेक्टर निवासी यशपाल मेहता और ममता मेहता के बेटे शशांक मेहता ने एलपीयू जालंधर से एमसीए की डिग्री ली है। एक साल तक उन्होंने गुरुग्राम में एक प्राइवेट कंपनी में नेटवर्क एडमिन की जॉब भी की, लेकिन साइबर सिक्युरिटी के जुनून के चलते यह जॉब छोड़ दी।
खेल डेस्क. मुंबई इंडियंस ने गुरुवार को आईपीएल-12 के 7वें मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 6 रन से हरा दिया। बेंगलुरु को जीत के लिए मैच की आखिरी गेंद पर 7 रन चाहिए थे। स्ट्राइक पर शिवम दुबे थे और लसिथ मलिंगा के हाथ में गेंद थी। मलिंगा ने गेंद फेंकी, उनका पैर क्रीज से बहुत बाहर था। इसके बावजूद अंपायर ने उसे नो बॉल नहीं दिया और मुंबई की जीत पर मुहर लग गई।
अंपायर के इस फैसले से बेंगलुरु के कप्तान विराट कोहली और मुंबई इंडियंस के कप्तान रोहित शर्मा भी काफी नाराज दिखे। इन दोनों के अलावा कई पूर्व क्रिकेटर्स ने भी फील्ड अंपायर के फैसले से नाराज थे। पूर्व क्रिकेटर्स का कहना है कि इतनी आधुनिक तकनीक उपलब्ध होने के बावजूद इस तरह की नो बॉल की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। सोशल मीडिया यूजर्स ने भी अंपयार सुंदरम रवि के खिलाफ अपना गुस्सा निकाला।
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ट्वीट किया, ‘इतनी तकनीक के युग और लगातार नजर रखने के बावजूद नो बॉल्स कभी भी मिस नहीं होनी चाहिए।’
इंग्लैंड के एक और पूर्व कप्तान केविन पीटरसन ने ट्वीट किया, ‘जिस तकनीक की दुनिया में हम में जी रहे हैं, वहां ऐसा नहीं होना चाहिए। कहानी का अंत!’
दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट टीम के कप्तान कप्तान फाफ डुप्लेसिस का मत है कि इस तरह के मामलों में थर्ड अंपायर को भी अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने ट्वीट किया, ‘क्रिकेट में ज्यादा से ज्यादा बार तकनीक का इस्तेमाल किया जाना चाहिए... सभी फॉर्मेट में बहुत सारे फ्रंट फुट नो-बॉल हर समय छूट जाते हैं। केवल बल्लेबाज के आउट होने की ही जांच होती है। थर्ड अंपायर को फील्ड अंपायर को बताना चाहिए कि एक नो-बॉल डाली गई है।’
कमेंटेटर और पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने लिखा, ‘मलिंगा के ओवर की आखिरी गेंद नो-बॉल थी। बड़ा मामला है। अंपायर ने इसे मिस कर दिया। भारी गलती। विश्वास नहीं हो रहा।’
आकाश 2013 में भी यह मुद्दा उठा चुके हैं। उन्होंने तब मुंबई इंडियंस और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच हुए मैच का हवाला देते हुए कहा था, ‘किसी बल्लेबाज के आउट होने की दशा में ही फील्ड अंपायर मामले को थर्ड अंपायर से सलाह लेते हैं। अंपायर यदि अक्सर ऐसी ही नो बॉल मिस कर रहे हैं तब क्यों नहीं तकनीक का इस्तेमाल करने की इजाजत दी जानी चाहिए।’
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