शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे की जिंदगी पर बनी फिल्म का ट्रेलर बुधवार को मुंबई में लॉन्च किया हो गया. फिल्म में बाल ठाकरे का किरदार में नवाजुद्दीन सिद्दीकी निभा रहे हैं. लॉन्चिंग इवेंट में फिल्म और राजनीति जगत की कई हस्तियां शामिल हुईं. ठाकरे का परिवार, शिवसेना के कार्यकर्ता भी प्रमुखता से मौजूद रहे. बाल ठाकरे की बायोपिक से राजनीतिक विवाद भी शुरू होने की आशंका है.
आइए सीधे वेन्यू से जानते हैं ट्रेलर लॉन्चिंग को लेकर इस वक्त क्या कुछ चल रहा है. फिल्म की स्क्रिप्ट शिवसेना सांसद संजय राउत ने लिखी है. वो इसे प्रोड्यूस भी कर रहे हैं. अभिजीत पानसे ने फिल्म का निर्देशन किया है. संजय लंबे वक्त से शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे के जीवन पर फिल्म बनाना चाह रहे थे. बाल ठाकरे के बेटे और शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे की अनुमति के बाद उनका सपना साकार होने जा रहा है.
ट्रेलर 2:54 मिनट का है. इसकी शुरुआत मुंबई दंगों से होती है. इसके बाद बाल ठाकरे के किरदार में नवाजुद्दीन सिद्दीकी दिखाई पड़ते हैं. बाद में बाल ठाकरे के जीवन के शुरुआती जीवन को दिखाया जाता है. बाल ठाकरे ने कैसे मराठी मानुष का आंदोलन खड़ा किया, कैसे राजनीति में प्रवेश किया कैसे शिवसेना की स्थापना हुई बाबरी मस्जिद को लेकर बाल ठाकरे क्या सोचते थे, उनके जीवन की तमाम यात्राओं को ट्रेलर में दिखाने की कोशिश की गई है.
ट्रेलर लॉन्च इवेंट में ठाकरे का परिवार प्रमुखता से मौजूद रहेगा. जानकारी के मुताबिक उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे, संजय राउत के अलावा फिल्म की स्टार कास्ट प्रमुखता से मौजूद शामिल होगी.
- महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना चीफ राज ठाकरे लॉन्चिंग इवेंट में नहीं आएंगे. इस बारे में आज तक को सूत्रों ने कन्फर्म किया है.
वीडियो नहीं सेंसर को इस चीज पर है आपत्ति
- उधर, कुछ सीन्स पर विवाद को लेकर आज तक से एक बातचीत में सेंसर बोर्ड के आधिकारिक सूत्रों ने कहा, "हमने ठाकरे फिल्म के मराठी ट्रेलर में बदलाव करने को कहा है. हमें इस ट्रेलर के दो ऑडियो पर ऑब्जेक्शन थे और हमने उसी के संदर्भ में बदलाव के लिए कहा है. कोई भी वीडियो कट नहीं है. ये फैसला फिल्ममेकर और सेंसर बोर्ड की सहमति से लिया गया है. दो ऑडियो मोडिफिकेशन के अलावा कोई भी वीडियो कट नही." (इनपुट : शिवांगी ठाकुर)
-शिवसेना के कार्यकर्ताओं में दिवंगत बाल ठाकरे के जीवन पर बन रही फिल्म को लेकर काफी उत्साह है. फिल्म से बाल ठाकरे की भूमिका में नवाजुद्दीन के कुछ लुक सामने आए थे. इसकी खूब चर्चा हुई. हालांकि एक धड़े ने इसके लिए नवाजुद्दीन की आलोचना भी की थी.
कब लॉन्च होगा ट्रेलर?
शुरुआती जानकारी के मुताबिक ट्रेलर आज दोपहर डेढ़ बजे वडाला (मुंबई) स्थित कार्निवाल आईमैक्स में लॉन्च किया जाएगा. हालांकि किछ ही देर पहले नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने एक ट्वीट किया है, जिसके मुताबिक ट्रेलर आने में अभी कुछ वक्त लग सकता है.
लर रिलीज से पहले ही शुरू हुआ विवाद
ठाकरे को मुंबई का टाइगर भी कहा जाता था. फिल्म की जबरदस्त चर्चा है. कहा जा रहा है कि इसमें ठाकरे के व्यक्तित्व के तमाम पहलू पर्दे पर दिखाए जाएंगे. हालांकि ट्रेलर लांच से पहले ही ईसा पर विवाद भी शुरू हो गए हैं. दरअसल, सेंसर की तरफ से कुछ सीन्स पर आपत्ति की गई है. इसमें से एक सीन बाबरी मस्जिद से भी जुड़ा हुआ है.
Wednesday, December 26, 2018
Sunday, December 16, 2018
मोदी का रायबरेली दौरा, कांग्रेस का 'गढ़' ढहाने की तैयारी में बीजेपी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उत्तर प्रदेश के रायबरेली शहर जा रहे हैं जहाँ वो रेल कोच फ़ैक्ट्री के उद्घाटन के अलावा कुछ परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे.
लेकिन लोकसभा चुनाव से ठीक पहले मोदी की इस यात्रा के पीछे एक बड़े राजनीतिक मक़सद को भी देखा जा रहा है.
रायबरेली में रेल कोच फ़ैक्ट्री के उद्घाटन के अलावा मोदी एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे और इसके तुरंत बाद वो प्रयागराज में रैली को संबोधित करने के लिए निकल जाएंगे.
जहां तक रायबरेली का सवाल है तो ये न सिर्फ़ कांग्रेस की सबसे ताक़तवर नेता और पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी का संसदीय क्षेत्र है, बल्कि रायबरेली को गांधी परिवार का पारंपरिक गढ़ भी माना जाता है.
2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को यूपी में सिर्फ़ दो सीटों पर जीत हासिल हुई थी, उनमें से एक रायबरेली भी थी. अमेठी दूसरी सीट थी जहाँ से राहुल गांधी जीते थे.
इसी साल अप्रैल महीने में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने रायबरेली का दौरा किया था और उस दौरान कांग्रेस पार्टी के एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह अपने पूरे परिवार के साथ बीजेपी में शामिल हो गए थे.
दिनेश सिंह के एक भाई कांग्रेस पार्टी से ही एमएलए और एक अन्य भाई ज़िला पंचायत के अध्यक्ष हैं. दिनेश सिंह बीजेपी में शामिल नहीं हुए थे लेकिन जानकारों के मुताबिक देर-सवेर वो भी शायद बीजेपी का दामन थाम लेंगे.
बीजेपी नेताओं के लगातार दौरे
अमित शाह के बाद केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और फिर वित्त मंत्री अरुण जेटली भी रायबरेली का दौरा कर चुके हैं. स्मृति ईरानी अमेठी संसदीय सीट का लगातार दौरा करती रहती हैं. जानकारों का कहना है कि साल 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी की निगाह कांग्रेस का गढ़ समझी जाने वाली इन दोनों सीटों पर लगी हुई है.
तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव में जीत से उत्साहित कांग्रेस पार्टी नरेंद्र मोदी की इस यात्रा को बहुत तवज्जो नहीं दे रही है.
रायबरेली में कांग्रेस पार्टी के ज़िलाध्यक्ष वीके शुक्ल कहते हैं कि मोदी जी चार साल के बाद भी एक बार फिर उसी परियोजना का उद्घाटन करने आ रहे हैं जिसे यूपीए सरकार ने शुरू किया था.
रायबरेली की रेल कोच फ़ैक्ट्री का निर्माण यूपीए सरकार के दौरान हुआ था और यहां रेल कोच का निर्माण शुरू भी हो गया था.
प्रधानमंत्री इसी फ़ैक्ट्री में बनी कोचों को रवाना करने के लिए रायबरेली आ रहे हैं. कांग्रेस नेता वीके शुक्ल इसे 'चुनावी हथकंडा' बताते हैं, "रायबरेली की जनता जानती है कि चार साल में उन्हें चुनाव से ठीक पहले ही फ़ुर्सत मिली है, वो भी कांग्रेस की शुरू की हुई परियोजना का उद्घाटन करने के लिए. ये सब तीन राज्यों की हार से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए है, और कुछ नहीं."
प्रधानमंत्री की इस यात्रा को तीन राज्यों में बीजेपी की हार और कांग्रेस की जीत के लिहाज़ से भी काफी अहम माना जा रहा है.
हालांकि पीएम मोदी का ये कार्यक्रम पहले से ही तय था लेकिन लखनऊ में वरिष्ठ पत्रकार सुनीता ऐरन कहती हैं कि इसके ज़रिए नरेंद्र मोदी पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने की कोशिश करेंगे.
लेकिन लोकसभा चुनाव से ठीक पहले मोदी की इस यात्रा के पीछे एक बड़े राजनीतिक मक़सद को भी देखा जा रहा है.
रायबरेली में रेल कोच फ़ैक्ट्री के उद्घाटन के अलावा मोदी एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे और इसके तुरंत बाद वो प्रयागराज में रैली को संबोधित करने के लिए निकल जाएंगे.
जहां तक रायबरेली का सवाल है तो ये न सिर्फ़ कांग्रेस की सबसे ताक़तवर नेता और पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी का संसदीय क्षेत्र है, बल्कि रायबरेली को गांधी परिवार का पारंपरिक गढ़ भी माना जाता है.
2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को यूपी में सिर्फ़ दो सीटों पर जीत हासिल हुई थी, उनमें से एक रायबरेली भी थी. अमेठी दूसरी सीट थी जहाँ से राहुल गांधी जीते थे.
इसी साल अप्रैल महीने में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने रायबरेली का दौरा किया था और उस दौरान कांग्रेस पार्टी के एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह अपने पूरे परिवार के साथ बीजेपी में शामिल हो गए थे.
दिनेश सिंह के एक भाई कांग्रेस पार्टी से ही एमएलए और एक अन्य भाई ज़िला पंचायत के अध्यक्ष हैं. दिनेश सिंह बीजेपी में शामिल नहीं हुए थे लेकिन जानकारों के मुताबिक देर-सवेर वो भी शायद बीजेपी का दामन थाम लेंगे.
बीजेपी नेताओं के लगातार दौरे
अमित शाह के बाद केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और फिर वित्त मंत्री अरुण जेटली भी रायबरेली का दौरा कर चुके हैं. स्मृति ईरानी अमेठी संसदीय सीट का लगातार दौरा करती रहती हैं. जानकारों का कहना है कि साल 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी की निगाह कांग्रेस का गढ़ समझी जाने वाली इन दोनों सीटों पर लगी हुई है.
तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव में जीत से उत्साहित कांग्रेस पार्टी नरेंद्र मोदी की इस यात्रा को बहुत तवज्जो नहीं दे रही है.
रायबरेली में कांग्रेस पार्टी के ज़िलाध्यक्ष वीके शुक्ल कहते हैं कि मोदी जी चार साल के बाद भी एक बार फिर उसी परियोजना का उद्घाटन करने आ रहे हैं जिसे यूपीए सरकार ने शुरू किया था.
रायबरेली की रेल कोच फ़ैक्ट्री का निर्माण यूपीए सरकार के दौरान हुआ था और यहां रेल कोच का निर्माण शुरू भी हो गया था.
प्रधानमंत्री इसी फ़ैक्ट्री में बनी कोचों को रवाना करने के लिए रायबरेली आ रहे हैं. कांग्रेस नेता वीके शुक्ल इसे 'चुनावी हथकंडा' बताते हैं, "रायबरेली की जनता जानती है कि चार साल में उन्हें चुनाव से ठीक पहले ही फ़ुर्सत मिली है, वो भी कांग्रेस की शुरू की हुई परियोजना का उद्घाटन करने के लिए. ये सब तीन राज्यों की हार से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए है, और कुछ नहीं."
प्रधानमंत्री की इस यात्रा को तीन राज्यों में बीजेपी की हार और कांग्रेस की जीत के लिहाज़ से भी काफी अहम माना जा रहा है.
हालांकि पीएम मोदी का ये कार्यक्रम पहले से ही तय था लेकिन लखनऊ में वरिष्ठ पत्रकार सुनीता ऐरन कहती हैं कि इसके ज़रिए नरेंद्र मोदी पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने की कोशिश करेंगे.
Monday, December 10, 2018
लवयात्री की असफलता के बाद बादशाह संग काम करेंगी वरीना
बॉलीवुड में इस साल फिल्म 'लवयात्री' से करियर की शुरुआत करने वाली अभिनेत्री वरीना हुसैन रैपर बादशाह के 'शी मूव इट लाइक' वीडियो में नजर आएंगी. उनकी एलबम 'वन' का यह गीत 10 दिसंबर को रिलीज होगा.
वरीना ने कहा, "बादशाह संग शूटिंग शानदार रही. यह गाना पहले ही मुझे बहुत पसंद है. मैं इसमें तीन अलग-अलग लुक्स में नजर आऊंगी. यह मेरा पहला पॉप वीडियो है और मुझे पहले से पता था कि अगर में पॉप सॉन्ग करूंगी तो वो बादशाह के साथ करूंगी." वह बादशाह को बेहद प्रतिभाशाली मानती हैं.
वरीना ने कहा, "संगीत को लेकर उनका बेहतरीन नजरिया है. मैं उनकी म्यूजिक वीडियो का हिस्सा बनकर सम्मानित महसूस कर रही हूं. उनके और सोनी म्यूजिक टीम के साथ शूटिंग का मेरा शानदार अनुभव रहा. मुझे यकीन है कि यह संगीत सुनने वालों और प्रशंसकों को बहुत पसंद आएगा." बता दें वरीना की फिल्म लवयात्रि बॉक्स ऑफिस पर खास कमाल नहीं दिखा पाई थी. वरीना ने एडवर्ल्ड से अपने करियर की शुरुआत की है.
शाहिद कपूर इन दिनों अपनी नई फिल्म "कबीर सिंह" की शूटिंग में व्यस्त हैं. यह फिल्म 21 जून 2019 में रिलीज होगी. इसके पहले शाहिद की श्रद्धा कपूर संग "बत्ती गुल मीटर चालू" फिल्म रिलीज हुई थी. हालांकि ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ज्यादा कमाल नहीं कर सकी. इस साल शाहिद के खाते में सिर्फ एक सफल फिल्म दर्ज है. ये फिल्म थी संजय लीला भंसाली के निर्देशन में बनी "पद्मावत". फिल्म में शाहिद, दीपिका के अपोजिट थे.
सारा का काम देखकर उनकी दादी, शर्मिला टैगोर भी काफी संतुष्ट हैं. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा, "मुझे सरप्राइज होता है ये देखकर कि वो इतनी छोटी उम्र में इतनी मेच्योर है. उसके इंटरव्यू सुने हैं. वो बहुत अच्छा काम कर रही है."
बताते चलें कि केदारनाथ बॉक्स ऑफिस पर संतोषजनक कारोबार कर रही है. फिल्म ने दो दिन में 17 करोड़ की कमाई कर ली है. इसी महीने 28 दिसंबर को सारा की दूसरी फिल्म, "सिंबा" रिलीज हो रही है. रोहित शेट्टी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में सारा के अपोजिट रणवीर सिंह हैं. फिल्म के कुछ गाने रिलीज हुए हैं. सारा और रणवीर की जोड़ी को पसंद किया जा रहा है.
वहीं मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतगणना की वेबकास्टिंग न करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही यह निर्देश जारी किए गए हैं कि काउंटिग हॉल में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और मतगणना के दौरान वाईफाई का इस्तेमाल न हो.
गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले मध्य प्रदेश के एक निजी होटल में ईवीएम मशीन और सागर जिले में बिना नंबर की स्कूल बस से स्ट्रॉन्ग रूम में ईवीएम पहुंचाए जाने का वीडियो जारी करते हुए कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि बीजेपी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में जनादेश को पटलने की कोशिश कर रही है. वहीं, एक अन्य मामले में शुक्रवार को ही मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में लगभग एक घंटे के लिए बिजली नहीं होने की वजह से स्ट्रॉन्ग रूम का सीसीटीवी और एलईडी डिस्प्ले इस अवधि में काम नहीं कर पाया.
इन शिकायतों पर चुनाव आयोग ने भी माना है कि मध्य प्रदेश में ऐसी दो घटनाएं हुईं थीं जिसमें ईवीएम को लेकर नियमावली का पालन नहीं किया गया. लेकिन आयोग का कहना था कि यह गलती प्रक्रिया तक ही सीमित है और मशीनों से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई. लेकिन आयोग ने एक अधिकारी को मशीने देरी से जमा कराने के आरोप में सस्पेंड कर दिया.
वरीना ने कहा, "बादशाह संग शूटिंग शानदार रही. यह गाना पहले ही मुझे बहुत पसंद है. मैं इसमें तीन अलग-अलग लुक्स में नजर आऊंगी. यह मेरा पहला पॉप वीडियो है और मुझे पहले से पता था कि अगर में पॉप सॉन्ग करूंगी तो वो बादशाह के साथ करूंगी." वह बादशाह को बेहद प्रतिभाशाली मानती हैं.
वरीना ने कहा, "संगीत को लेकर उनका बेहतरीन नजरिया है. मैं उनकी म्यूजिक वीडियो का हिस्सा बनकर सम्मानित महसूस कर रही हूं. उनके और सोनी म्यूजिक टीम के साथ शूटिंग का मेरा शानदार अनुभव रहा. मुझे यकीन है कि यह संगीत सुनने वालों और प्रशंसकों को बहुत पसंद आएगा." बता दें वरीना की फिल्म लवयात्रि बॉक्स ऑफिस पर खास कमाल नहीं दिखा पाई थी. वरीना ने एडवर्ल्ड से अपने करियर की शुरुआत की है.
शाहिद कपूर इन दिनों अपनी नई फिल्म "कबीर सिंह" की शूटिंग में व्यस्त हैं. यह फिल्म 21 जून 2019 में रिलीज होगी. इसके पहले शाहिद की श्रद्धा कपूर संग "बत्ती गुल मीटर चालू" फिल्म रिलीज हुई थी. हालांकि ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ज्यादा कमाल नहीं कर सकी. इस साल शाहिद के खाते में सिर्फ एक सफल फिल्म दर्ज है. ये फिल्म थी संजय लीला भंसाली के निर्देशन में बनी "पद्मावत". फिल्म में शाहिद, दीपिका के अपोजिट थे.
सारा का काम देखकर उनकी दादी, शर्मिला टैगोर भी काफी संतुष्ट हैं. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा, "मुझे सरप्राइज होता है ये देखकर कि वो इतनी छोटी उम्र में इतनी मेच्योर है. उसके इंटरव्यू सुने हैं. वो बहुत अच्छा काम कर रही है."
बताते चलें कि केदारनाथ बॉक्स ऑफिस पर संतोषजनक कारोबार कर रही है. फिल्म ने दो दिन में 17 करोड़ की कमाई कर ली है. इसी महीने 28 दिसंबर को सारा की दूसरी फिल्म, "सिंबा" रिलीज हो रही है. रोहित शेट्टी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में सारा के अपोजिट रणवीर सिंह हैं. फिल्म के कुछ गाने रिलीज हुए हैं. सारा और रणवीर की जोड़ी को पसंद किया जा रहा है.
वहीं मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतगणना की वेबकास्टिंग न करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही यह निर्देश जारी किए गए हैं कि काउंटिग हॉल में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और मतगणना के दौरान वाईफाई का इस्तेमाल न हो.
गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले मध्य प्रदेश के एक निजी होटल में ईवीएम मशीन और सागर जिले में बिना नंबर की स्कूल बस से स्ट्रॉन्ग रूम में ईवीएम पहुंचाए जाने का वीडियो जारी करते हुए कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि बीजेपी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में जनादेश को पटलने की कोशिश कर रही है. वहीं, एक अन्य मामले में शुक्रवार को ही मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में लगभग एक घंटे के लिए बिजली नहीं होने की वजह से स्ट्रॉन्ग रूम का सीसीटीवी और एलईडी डिस्प्ले इस अवधि में काम नहीं कर पाया.
इन शिकायतों पर चुनाव आयोग ने भी माना है कि मध्य प्रदेश में ऐसी दो घटनाएं हुईं थीं जिसमें ईवीएम को लेकर नियमावली का पालन नहीं किया गया. लेकिन आयोग का कहना था कि यह गलती प्रक्रिया तक ही सीमित है और मशीनों से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई. लेकिन आयोग ने एक अधिकारी को मशीने देरी से जमा कराने के आरोप में सस्पेंड कर दिया.
Tuesday, December 4, 2018
बुलंदशहर हिंसाः कौन हैं हिंसा के अभियुक्त
उत्तर प्रदेश पुलिस ने बुलंदशहर में हुई हिंसा के मामले में अब तक चार अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया है. पुलिस ने हिंसा के मामले में कुल 27 अभियुक्तों को नामज़द किया है.
पुलिस ने 50-60 अज्ञात लोगों को भी एफ़आईआर में शामिल किया है जिनकी घटना से जुड़े वीडियो के आधार पर पहचान करने की कोशिश की जा रही है.
बजरंग दल के सदस्य योगेश राज नाम के युवक को भी इस मामले में अभियुक्त बनाया है. योगेश राज ने ही पुलिस को कथित गोहत्या की सूचना दी थी.
यूपी पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक (क़ानून व्यवस्था) आनंद कुमार के मुताबिक़ अभी तक योगेश राज को गिरफ़्तार नहीं किया गया है.
बुलंदशहर में सोमवार को भीड़ के हमले में स्याना थाने के एसएचओ सुबोध कुमार की मौत हो गई थी जबकि सुमित नाम के एक युवक की भी मौत हुई है.
इस हिंसा की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है जो 48 घंटों के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी.
हिंसा भड़काने वाले युवा
आनंद कुमार के मुताबिक़ कुल दो मुक़दमे दर्ज किए गए हैं जिनमें से एक कथित गोहत्या के मामले में है जबकि दूसरा हिंसा के मामले में है.
हिंसा के मुक़दमे में कुल 27 लोगों को नामज़द किया गया है जिनमें से चार को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है.
इन अभियुक्तों में पहला नाम योगेश राज का है. उन पर दंगा भड़काने, हत्या करने और हत्या की कोशिश करने की धाराओं में मुक़दमा दर्ज किया गया है.
योगेश राज बुलंदशहर में विश्व हिंदू परिषद के युवा संगठन बजरंग दल के सक्रिय कार्यकर्ता हैं.
हालांकि आनंद कुमार ने पत्रकारों के सवाल पर योगेश राज के संगठन का नाम बताने से परहेज़ करते हुए कहा कि हम किसी संगठन का नाम नहीं ले रहे हैं.
उन्होंने कहा, "योगेश घटना में नामित अभियुक्त हैं जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है."
बजरंग दल के मेरठ प्रांत के संयोजक बलराज डूंगर के मुताबिक़ योगेश राज सात-आठ साल से बजरंग दल से जुड़े हैं और बुलंदशहर के ज़िला संयोजक हैं. डूंगर के मुताबिक़ वो गोरक्षा अभियान में भी सक्रिय रहे हैं.
पुलिस ने 50-60 अज्ञात लोगों को भी एफ़आईआर में शामिल किया है जिनकी घटना से जुड़े वीडियो के आधार पर पहचान करने की कोशिश की जा रही है.
बजरंग दल के सदस्य योगेश राज नाम के युवक को भी इस मामले में अभियुक्त बनाया है. योगेश राज ने ही पुलिस को कथित गोहत्या की सूचना दी थी.
यूपी पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक (क़ानून व्यवस्था) आनंद कुमार के मुताबिक़ अभी तक योगेश राज को गिरफ़्तार नहीं किया गया है.
बुलंदशहर में सोमवार को भीड़ के हमले में स्याना थाने के एसएचओ सुबोध कुमार की मौत हो गई थी जबकि सुमित नाम के एक युवक की भी मौत हुई है.
इस हिंसा की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है जो 48 घंटों के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी.
हिंसा भड़काने वाले युवा
आनंद कुमार के मुताबिक़ कुल दो मुक़दमे दर्ज किए गए हैं जिनमें से एक कथित गोहत्या के मामले में है जबकि दूसरा हिंसा के मामले में है.
हिंसा के मुक़दमे में कुल 27 लोगों को नामज़द किया गया है जिनमें से चार को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है.
इन अभियुक्तों में पहला नाम योगेश राज का है. उन पर दंगा भड़काने, हत्या करने और हत्या की कोशिश करने की धाराओं में मुक़दमा दर्ज किया गया है.
योगेश राज बुलंदशहर में विश्व हिंदू परिषद के युवा संगठन बजरंग दल के सक्रिय कार्यकर्ता हैं.
हालांकि आनंद कुमार ने पत्रकारों के सवाल पर योगेश राज के संगठन का नाम बताने से परहेज़ करते हुए कहा कि हम किसी संगठन का नाम नहीं ले रहे हैं.
उन्होंने कहा, "योगेश घटना में नामित अभियुक्त हैं जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है."
बजरंग दल के मेरठ प्रांत के संयोजक बलराज डूंगर के मुताबिक़ योगेश राज सात-आठ साल से बजरंग दल से जुड़े हैं और बुलंदशहर के ज़िला संयोजक हैं. डूंगर के मुताबिक़ वो गोरक्षा अभियान में भी सक्रिय रहे हैं.
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