Monday, January 14, 2019

धमाके के बाद कुंभ में फैलती चली गई आग, सुनें चश्मदीदों की जुबानी

प्रयागराज में दिगंबर अखाड़े के टेंट में आग लग गई जिससे दर्जन भर टेंट राख हो गए. टेंट में शरण लिए श्रद्धालुओं के कई सामान जल गए. दमकलकर्मी और एनडीआरएफ की टीम मौके पर मौजूद है और आग पर काबू पा लिया गया है.

आग का कारण एलपीजी सिलेंडर बताया जा रहा है. टेंट में लोग खाना बनाने के लिए सिलेंडर का उपयोग करते हैं. आशंका जताई जा रही है कि खाना बनाते वक्त आग फैल गई और कई टेंट को अपनी चपेट में ले लिया. घटना दिगंबर अखाड़े की है जहां आसपास के 10 टेंट हादसे की चपेट में आ गए. हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. प्रत्यक्षदर्शी एक साधु ने बताया कि नुकसान बहुत ज्यादा हुआ है और पिछली बार आग की जो घटना हुई थी उससे चार गुना बड़ा हासदा इस बार हुआ है.

एक और प्रत्यक्षदर्शी साधु दुर्गादास ने बताया कि तंबू में सिलेंडर से आग लगी और दमकल की गाड़ियों को 10 से 20 मिनट लगे पहुंचने में जिससे उनका सारा समान जलकर राख हो गया. जबकि साधु के ठीक बगल में खड़े एक एसएसबी जवान ने बताया कि मुश्किल से आधा मिनट लगा होगा दमकल की गाड़ी आने और आग बुझाने का काम शुरू करने में.

एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि जलने वाले सामान में साधुओं के कंबल, बिस्तर और भंडारे की सामग्री है. कई साधुओं ने मांग की अब सरकार को चाहिए कि नुकसान की भरपाई करे ताकि साधु समाज को कोई परेशानी न हो. मौके पर एक श्रद्धालु ने बताया कि साधु जन खाना खाकर लेटे हुए थे तभी आग लग गई जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

कुंभ के सूचना निदेशक शिशिर ने बताया कि आग सिलेंडर में आग के कारण लगीं और फिलहाल इस पर काबू पा लिया गया है. उन्होंने कहा कि कुंभ आने वाले लोगों को टेंट से दूर सिलेंडर ले जाकर खाना बनाने की अनुमति रहती है लेकिन टेंट के अंदर ऐसी कोई इजाजत नहीं है. कुंभ प्रशासन के सूचना निदेशक ने बताया कि संभव है टेंट में लोग खाना बना रहे हों और हवा चलने से आग फैल गई हो. शिशिर ने बताया कि सुरक्षा की एडवायजरी कुंभ के श्रद्धालुओं की जारी की जाती है लेकिन उसका उल्लंघन होने से ऐसा हादसा हो गया.

घटना के बारे में एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि दमकलकर्मी घटनास्थल पर मौजूद हैं और आग के कारणों का पता लगा रहे हैं. आज हवा भी काफी तेज है और पश्चिम से पूरब की तरफ हवाएं चल रही हैं जिसके चलते यहां की घास-फूस की झोंपड़ी और कुटिया में आग लग गई. खाने-पीने के सामान और कपड़े जल गए हैं. किसी व्यक्ति के हताहत होने की खबर नहीं है. पुलिस अधिकारी ने बताया आग बुझाने के बाद दमकल गाड़ियों और कुछ एंबुलेंस को वापस भेज दिया गया है. हादसे की जगह व्यवस्था बहाल करने में पुलिसकर्मी और साधुजन लगे हैं.

वहीं, 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने रायबरेली से सोनिया गांधी के सामने अजय अग्रवाल को मैदान में उतारा था. मोदी लहर के बावजूद वो सोनिया के सामने कड़ी चुनौती पेश नहीं कर सके थे. लेकिन बीजेपी को करीब पौने दो लाख वोट मिले थे. इसके बाद जब 2017 में विधानसभा चुनाव हुए तो बीजेपी को 2, कांग्रेस को 2 और एक सीट पर सपा को जीत मिली थी.

हालांकि कांग्रेस के एमएलसी दिनेश सिंह और जिला पंचायत अध्यक्ष अवधेश सिंह ने पार्टी को छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया है. इसके अलावा हरचंद्रपुर से कांग्रेस विधायक राकेश सिंह भले ही बीजेपी ज्वॉइन नहीं किया हो, लेकिन वो कांग्रेस के साथ भी नहीं खड़े दिख रहे हैं.

बीजेपी ने 2019 में रायबरेली और अमेठी की घेराबंदी करने का प्लान बना रखा है.  बीजेपी नेता स्मृति ईरानी पिछले पांच साल से अमेठी में सक्रिय हैं. वो लगातार अमेठी का दौरा कर रही हैं और स्थानीय मुद्दों को उठाकर कांग्रेस आलाकमान को घेरती रहती हैं. इसी रणनीति के तहत बीजेपी ने सोनिया गांधी की संसदीय सीट से एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह को अपने साथ मिला लिया है. इन दिनों दिनेश सिंह कांग्रेस नेतृत्व को घेरने का काम कर रहे हैं.

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